भोपाल जिला अदालत ने गैंगस्टर जुबेर मौलाना को किया दोषमुक्त, 440 दिन बाद आया फैसला

भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित टीला जमालपुरा गोलीकांड और गैंगवार मामले में जिला अदालत से बड़ी खबर सामने आई है। कोर्ट ने कुख्यात गैंगस्टर जुबेर मौलाना और उसके पांच साथियों को संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए पूरी तरह से दोषमुक्त (बरी) कर दिया है। जुबेर मौलाना इस मामले में करीब 440 दिनों से जेल की सलाखों के पीछे बंद था।
क्या था पूरा मामला?यह पूरा विवाद 6 मई 2025 का है, जब टीला जमालपुरा के इंद्रानगर इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान इलाके में सरेआम हवाई फायरिंग की गई और वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की गई थी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने जुबेर मौलाना और उसके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जुबेर का सिर और दाढ़ी मुंडवाकर उसका सार्वजनिक जुलूस भी निकाला था, जिस पर बाद में हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया था।

कोर्ट में क्यों फेल हुआ केस?जिला अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान पुलिस का केस उस समय कमजोर हो गया जब घटना के मुख्य गवाह और घायल फरियादी अपने बयानों से मुकर गए। अदालत में गवाहों के पलटने के कारण अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। इसी वजह से कोर्ट ने जुबेर मौलाना और उसके साथियों को बरी करने का फैसला सुनाया।
बरी होने के बाद भी जेल में ही रहेगा जुबेर, यह है कारण:टीला जमालपुरा केस में भले ही जुबेर मौलाना को बड़ी राहत मिल गई हो, लेकिन उसके समर्थकों के लिए झटका यह है कि वह अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेगा। भोपाल पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, जुबेर मौलाना पर हत्या का प्रयास, अड़ीबाजी और आर्म्स एक्ट समेत 50 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा, इसी साल 6 जनवरी 2026 को भोपाल की एक कोर्ट ने उसे एक पुराने मामले (महिला को बंधक बनाने और छेड़छाड़ करने) में 3 साल के कड़े कारावास की सजा भी सुनाई है। अन्य मामलों में जमानत न होने और सजा कटी न होने के कारण गैंगस्टर जुबेर मौलाना फिलहाल जेल में ही बंद रहेगा।

