दुकानदारों का सवाल – “जब सरकार को दे रहे हैं सारे टैक्स, तो क्या सड़क पर बैठकर करें व्यापार?” नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे व्यापारी।
भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है और अब तक कुल 6,589 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें नरेला और गोविंदपुरा विधानसभाओं में नोटिस की संख्या सबसे ज्यादा है। सोमवार को अकेले 811 नए नोटिस जारी किए गए। इस कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने तीखा विरोध जताते हुए कहा है कि जब वे सरकार को सभी तरह के टैक्स दे रहे हैं, तो दुकान बंद करने पर वे क्या सड़क पर व्यापार करें?
निगम के मुताबिक, 62 हजार से ज्यादा ऐसी प्रॉपर्टी लिस्टेड की गई हैं जो रहवासी इलाकों में हैं और जिनमें कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। मुख्य मार्गों के दोनों ओर, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवनों की प्राथमिकता से जांच की जा रही है।
बकायादारों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई:
जोन नंबर-5 के अमले ने किराए की राशि का भुगतान न करने वाले 4 बड़े बकायादारों की संपत्तियों पर ताले जड़े और वार्ड-74 में खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकने वाले मेडिकल स्टोर पर 10,000 रुपए का स्पॉट फाइन वसूला गया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में कुल 69 प्रकरणों में 39,950 रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई
व्यापारियों का विरोध और आगामी रणनीति:
नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई के विरोध में व्यापारी मंगलवार सुबह 11 बजे रोशनपुरा चौराहे से विशाल रैली निकालेंगे। व्यापारियों की मांग है कि सरकार रहवासी क्षेत्रों के व्यावसायिक उपयोग के लिए उचित नियमितीकरण की नीति बनाए। इसके साथ ही रहवसी संघ ने आगामी शनिवार को सेवांए कॉम्प्लेक्स से ओरा मॉल तक टॉर्च जलाकर विरोध रैली निकालने और हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
