आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! भोपाल के 3 निजी अस्पताल जांच के घेरे में, तत्काल प्रभाव से निलंबन
भोपाल। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नाम पर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद भोपाल के तीन निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। आयुष्मान योजना की टीम और विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण में रिकॉर्ड और मरीजों से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है।
मामला सामने आने के बाद संबंधित अस्पतालों को आयुष्मान योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने पुराने मरीजों के आयुष्मान क्लेम और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की भी विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
दूसरे जिलों से मरीज बुलाने का आरोप
जांच के दौरान एक अस्पताल के रिकॉर्ड में ऐसे मरीजों के मामले सामने आए, जिन्हें भोपाल से करीब 650 किलोमीटर दूर सिंगरौली समेत दूसरे जिलों से बड़ी संख्या में लाकर भर्ती किए जाने की जानकारी मिली।
अधिकारियों के अनुसार करीब 30 मरीजों के रिकॉर्ड की जांच की गई, जिनमें लगभग 20 मरीज दूसरे जिलों से संबंधित पाए गए। मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण
आयुष्मान भारत और विभागीय टीम ने भोपाल के यशवी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सूर्यांश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और मारुति मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और जवाब देने के लिए समय दिया गया है।
रिकॉर्ड में इलाज, मौके पर अलग तस्वीर
जांच के दौरान मरीजों के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और अस्पताल में मौजूद वास्तविक स्थिति का मिलान किया गया। कुछ मामलों में रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी और मौके पर मिली स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं।
एक अस्पताल में मरीजों के इलाज से संबंधित मामलों में ओवरडायग्नोसिस की आशंका भी जांच के दौरान सामने आने की बात कही गई है। वहीं एक अन्य अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज डॉक्टरों के मौके पर मौजूद नहीं मिलने की जानकारी भी जांच टीम के सामने आई।
पुराने मरीजों के क्लेम की भी होगी जांच
अधिकारियों ने तीनों अस्पतालों के पुराने आयुष्मान क्लेम का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। मरीजों से उनके इलाज, भर्ती होने की प्रक्रिया और अस्पताल में उपलब्ध कराई गई सेवाओं के बारे में जानकारी ली जाएगी।
जांच रिपोर्ट और अस्पतालों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच के बाद और अस्पताल भी आ सकते हैं घेरे में
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल तीन अस्पतालों में सामने आई गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाकर अन्य अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है।
नोट: खबर में सामने आए आरोप और अनियमितताएं जांच के विषय हैं। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
