पचमढ़ी में 17 वर्षीय छात्रा से कथित दुष्कर्म, तीन आरोपियों पर केस दर्ज
पचमढ़ी। मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों में एक स्थानीय जीप चालक और होटल में काम करने वाले दो युवक शामिल हैं।
दोस्त से मिलने पहुंची थी छात्रा
पुलिस के अनुसार 19 अगस्त की दोपहर छात्रा अपने एक स्कूल मित्र से मिलने पचमढ़ी पहुंची थी। बस स्टैंड के पास उसकी मुलाकात जीप चालक से हुई। इसी दौरान उसके साथ मौजूद दो अन्य युवक भी वहां पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद युवकों ने छात्रा और उसके दोस्त को जंगल की ओर ले जाकर डराया-धमकाया।
पुलिस के मुताबिक छात्रा के दोस्त को कथित तौर पर जीप में बंद कर दिया गया। इसके बाद छात्रा के साथ आपराधिक घटना को अंजाम देने का आरोप है। घटना के बाद दोनों को बस स्टैंड के पास छोड़ दिया गया और किसी को जानकारी देने पर धमकी देने की बात भी सामने आई है।
घटना के बाद छात्रा ने स्कूल जाना बंद किया
घटना के बाद छात्रा काफी डरी हुई थी और उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। परिजन द्वारा कारण पूछने पर उसने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर पचमढ़ी थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की जांच जारी है।
तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। संभावित ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
पचमढ़ी में महिला सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद पचमढ़ी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप पुलिस शिकायत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। मामले की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
